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G20 लोगो भारत के राष्ट्रीय ध्वज के जीवंत रंगों - केसरिया, सफेद और हरे, एवं नीले रंग से प्रेरित है। इसमें भारत के राष्ट्रीय पुष्‍प कमल को पृथ्वी ग्रह के साथ प्रस्‍तुत किया गया है जो चुनौतियों के बीच विकास को दर्शाता है। पृथ्वी जीवन के प्रति भारत के पर्यावरण अनुकूल दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसका प्रकृति के साथ पूर्ण सामंजस्य है। G20 लोगो के नीचे देवनागरी लिपि में "भारत" लिखा है।

भारत का G20 अध्‍यक्षता का विषय - "वसुधैव कुटुम्बकम" या "एक पृथ्वी · एक कुटुंब · एक भविष्य" - महा उपनिषद के प्राचीन संस्कृत पाठ से लिया गया है। अनिवार्य रूप से, यह विषय सभी प्रकार के जीवन मूल्यों - मानव, पशु, पौधे और सूक्ष्मजीव - और पृथ्वी एवं व्यापक ब्रह्मांड में उनके परस्पर संबंधों की पुष्टि करता है।

यह विषय (थीम) व्यक्तिगत जीवन शैली और राष्ट्रीय विकास दोनों स्‍तरों पर पर्यावरण की दृष्टि से धारणीय और जिम्मेदार विकल्पों से संबद्ध LiFE (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) पर भी प्रकाश डालता है, जिससे वैश्विक स्तर पर परिवर्तनकारी कार्यों के परिणामस्वरूप एक स्वच्छ, हरे-भरे और उज्जवल भविष्य का निर्माण होता है।यह विषय सामाजिक और व्यक्तिगत उत्पादन और उपभोग विकल्पों पर भी प्रकाश डालता है और पर्यावरण की दृष्टि से व्यवहार्य और जिम्मेदार व्यवहार विकल्प अपनाने का आह्वान करता है जिससे वैश्विक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके ताकि मानवता को अपेक्षाकृत स्वच्छ, हरित और उज्जवल भविष्य प्राप्त हो।

लोगो और विषय (थीम) एक साथ भारत की G20 अध्‍यक्षता का एक सशक्‍त संदेश देते हैं, जो दुनिया में सभी के लिए न्यायसंगत और समान विकास के प्रयास को दर्शाता है। क्योंकि आज जब हम एक स्थायी, समग्र, जिम्मेदार और समावेशी तरीके से इस चुनौतीपूर्ण समय से गुजर रहे हैं तो ऐसे समय में ये G20 अध्‍यक्षता के लिए हमारे आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र के अनुकूल जीवन से संबंधित हमारे विलक्षण भारतीय नजरिये को दर्शाते हैं।

भारत के लिए, G20 अध्‍यक्षता "अमृतकाल" की शुरुआत है, जो 15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ से शुरू होकर एक भविष्यवादी, समृद्ध, समावेशी और विकसित समाज, जिसकी मुख्‍य विशेषता मानव-केंद्रित दृष्टिकोण है, के लिए अपनी स्‍वतंत्रता की शताब्‍दी तक 25 वर्ष की अवधि है।